कर्नाटक

बिदादी GBIT प्रोजेक्ट के विरोध में बीजेपी की पदयात्रा, किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरेंगे नेता

Kavita2
18 July 2026 11:16 AM IST
बिदादी GBIT प्रोजेक्ट के विरोध में बीजेपी की पदयात्रा, किसानों के समर्थन में सड़क पर उतरेंगे नेता
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बेंगलुरु : बेंगलुरु के पास बिदादी क्षेत्र में प्रस्तावित ‘ग्रेटर बैंगलोर इंटीग्रेटेड टाउनशिप’ (GBIT) प्रोजेक्ट को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। अब इस आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। राज्य बीजेपी ने किसानों के समर्थन में बेंगलुरु से बिदादी तक बड़ी पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठाएगी।

शुक्रवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेताओं ने इस पदयात्रा की घोषणा की। प्रदर्शन में कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, राज्य बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र, पूर्व मंत्री सुरेश कुमार समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान नेताओं ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए किसानों के समर्थन में आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ‘सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित करने के नाम पर बिदादी क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम किसानों के हितों के खिलाफ है और इससे बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हो सकते हैं।

विजयेंद्र ने दावा किया कि इस परियोजना का वास्तविक उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र को फायदा पहुंचाना है, जबकि किसानों की समस्याओं और उनकी आजीविका को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि का इस्तेमाल केवल विकास के नाम पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि किसानों के भविष्य और अधिकारों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

बीजेपी नेता ने राज्य सरकार की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भूमि अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी करती है और उसके बाद परियोजना के फायदे और नुकसान का अध्ययन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करती है। उन्होंने इसे केवल औपचारिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इससे किसानों की वास्तविक चिंताओं का समाधान नहीं हो रहा है।

विजयेंद्र ने कहा कि बीजेपी किसानों की मांगों को लेकर गंभीर है और उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी जल्द ही पदयात्रा की तारीख तय करेगी। यह पदयात्रा विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले आयोजित की जाएगी, ताकि किसानों के मुद्दे को सरकार के सामने मजबूती से उठाया जा सके।

प्रस्तावित GBIT परियोजना को लेकर बिदादी और आसपास के क्षेत्रों के कई किसान लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन उनकी आजीविका का मुख्य आधार है और भूमि अधिग्रहण से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। वे मांग कर रहे हैं कि सरकार परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले किसानों की सहमति और हितों का ध्यान रखे।

किसानों का यह भी आरोप है कि उपजाऊ कृषि भूमि को शहरी विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित करने से स्थानीय कृषि व्यवस्था प्रभावित होगी। उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़े।

वहीं, राज्य सरकार की ओर से इस परियोजना को लेकर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार आमतौर पर शहरी विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों के लिए आवश्यक बताती रही है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंताओं पर राजनीतिक बहस जारी है।

बीजेपी के इस कदम को राज्य में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। विधानसभा सत्र से पहले इस पदयात्रा के जरिए पार्टी सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है।

GBIT परियोजना बेंगलुरु के आसपास बढ़ते शहरी विस्तार से जुड़ी एक बड़ी योजना मानी जा रही है। लेकिन जमीन अधिग्रहण और किसानों के अधिकारों को लेकर विवाद के कारण यह परियोजना राजनीतिक मुद्दा बन गई है।

अब सभी की नजर बीजेपी की प्रस्तावित पदयात्रा और सरकार की प्रतिक्रिया पर है। यदि आंदोलन आगे बढ़ता है तो बिदादी क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का मुद्दा आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में और प्रमुखता से उठ सकता है।

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